घुटने में पानी जमा होना एक ऐसी स्थिति है जिसमें घुटने के जोड़ के भीतर साइनोवियल द्रव की मात्रा असामान्य रूप से बढ़ जाती है। सामान्यतः घुटने में 1–3 मिलीलीटर द्रव होता है, लेकिन सूजन की स्थिति में यह 30 मिलीलीटर या उससे अधिक हो सकता है, जिससे दर्द, जकड़न और सूजन बढ़ जाती है।
घुटनों में पानी क्यों भरता है?
सबसे आम कारण हैं:
1. घुटने का ऑस्टियोआर्थराइटिस (Knee Osteoarthritis)
- उम्र बढ़ने से उपास्थि घिस जाती है
- चलने, सीढ़ियाँ चढ़ने, बैठने-उठने पर दर्द
- जोड़ में चरमराहट और सूजन
- घिसी हुई उपास्थि साइनोवियल झिल्ली को उत्तेजित करती है, जिससे तरल बढ़ जाता है
2. मेनिस्कस की चोट (Meniscus Tear)
- खेल या दुर्घटना में झटका
- घुटने में सूजन, गर्माहट, लॉक होना
- चोट से झिल्ली में सूजन होकर पानी जमा होता है
3. संक्रमण, रूमेटॉइड गठिया और गाउट
- बैक्टीरियल इंफेक्शन
- ऑटोइम्यून सूजन
- यूरिक एसिड क्रिस्टल जमना
- इन स्थितियों में सूजन बहुत तेज होती है और पानी तेजी से भरता है
घुटने में पानी भरने पर क्या करना चाहिए?
1. पानी निकालना (Aspiration)
सुई से द्रव निकालकर उसका रंग व जांच की जाती है
- साफ पीला → ऑस्टियोआर्थराइटिस
- धुंधला सफेद → संक्रमण / गठिया / गाउट
- लाल / भूरा → चोट या मेनिस्कस फटना
2. MRI जांच
- लिगामेंट, मेनिस्कस और उपास्थि की स्थिति जानने के लिए
- सूजन के सही कारण की पुष्टि होती है
3. कारण के अनुसार इलाज
- दवाइयाँ (दर्द निवारक, सूजनरोधी, एंटीबायोटिक्स)
- फिजियोथेरेपी
- इंजेक्शन
- गंभीर मामलों में सर्जरी
- कुछ मामलों में पुनर्योजी चिकित्सा (PRP, स्टेम सेल)
घुटने में पानी रहने के खतरे
- लगातार दर्द और सूजन
- जोड़ की गतिशीलता कम होना
- उपास्थि को स्थायी नुकसान
- गंभीर स्थिति में सर्जरी की जरूरत
निष्कर्ष
घुटने में पानी भरना अक्सर ऑस्टियोआर्थराइटिस, मेनिस्कस की चोट, संक्रमण, रूमेटॉइड गठिया या गाउट के कारण होता है। सही समय पर पानी निकालकर जांच कराना और MRI द्वारा कारण की पुष्टि करना बेहद जरूरी है। जल्दी उपचार से दर्द कम किया जा सकता है और घुटने को स्थायी क्षति से बचाया जा सकता है।
