कमर का दर्द आज के समय की सबसे आम स्वास्थ्य समस्याओं में से एक बन चुका है। लंबे समय तक बैठकर काम करना, गलत लाइफस्टाइल, स्पोर्ट्स इंजरी या बढ़ती उम्र — ये सभी कारण कमर दर्द को जन्म दे सकते हैं।
वैश्विक अध्ययनों के अनुसार, दुनिया भर में करोड़ों लोग लोअर बैक पेन से प्रभावित हैं, और भारत में यह विकलांगता के प्रमुख कारणों में शामिल है।
यदि समय रहते इसका कारण पहचान कर उपचार न लिया जाए, तो यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है।
कमर दर्द को नजरअंदाज करना क्यों खतरनाक हो सकता है?
कई बार साधारण लगने वाला कमर दर्द किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है, जैसे:
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स्पाइनल इंफेक्शन
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स्लिप डिस्क
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नर्व कम्प्रेशन
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स्पाइनल टीबी
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डिजेनेरेटिव स्पाइन डिजीज
इसलिए चेतावनी संकेतों को समझना बेहद जरूरी है।
कमर दर्द के चेतावनी संकेत
यदि आपको नीचे दिए गए लक्षण दिखें, तो तुरंत ऑर्थोपेडिक डॉक्टर से परामर्श लें:
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दर्द का पैरों तक फैलना
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समय के साथ दर्द बढ़ना
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रात में दर्द बढ़ जाना
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पैरों में सुन्नपन या कमजोरी
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चलने या खड़े होने में दिक्कत
ये संकेत नर्व दबाव या डिस्क समस्या की ओर इशारा कर सकते हैं।
कमर दर्द के प्रकार (Types of Back Pain)
डॉक्टर लक्षणों के आधार पर कमर दर्द को मुख्यतः 3 प्रकारों में बांटते हैं:
1. अक्षीय दर्द (Axial Pain)
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कमर के एक हिस्से तक सीमित
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मांसपेशियों के खिंचाव से होता है
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सबसे आम प्रकार
2. रेफर्ड दर्द (Referred Pain)
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एक स्थान से दूसरे स्थान तक फैलता है
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डिस्क डिजेनेरेशन से जुड़ा हो सकता है
3. रेडिकुलर दर्द (Sciatica)
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नस के रास्ते पैरों तक जाता है
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बिजली के झटके जैसा दर्द
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कारण: स्लिप डिस्क, स्पाइनल स्टेनोसिस
कमर दर्द के मुख्य कारण
रीढ़ की हड्डी एक जटिल संरचना है, जिसमें हड्डियां, डिस्क, नसें और मांसपेशियां शामिल होती हैं। दर्द कई कारणों से हो सकता है:
1. गलत बैठने की मुद्रा
लंबे समय तक बैठने से रीढ़ पर दबाव 200% तक बढ़ सकता है।
2. मांसपेशियों की कमजोरी
व्यायाम की कमी और खराब पोस्चर मसल्स को कमजोर करते हैं।
3. डिस्क डिजेनेरेशन
उम्र, धूम्रपान, डिहाइड्रेशन से डिस्क घिसने लगती है।
4. चोट या भारी वजन उठाना
जिम इंजरी, खेल चोट या गलत तरीके से वजन उठाना कारण बन सकता है।
5. नसों पर दबाव
हर्नियेटेड डिस्क या बोन ग्रोथ नसों को दबा सकती है।
कमर दर्द के छुपे हुए कारण
कई बार कमर दर्द स्पाइन से जुड़ा नहीं होता, बल्कि अन्य बीमारियों का संकेत हो सकता है:
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किडनी स्टोन
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निमोनिया
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मलेरिया
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एंडोमेट्रियोसिस
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चलने के तरीके में बदलाव
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गलत फुटवेयर
इसलिए सटीक जांच जरूरी है।
कमर दर्द को नियंत्रित करने के घरेलू उपाय
1. गर्म और ठंडा सेक
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चोट के बाद 48 घंटे बर्फ
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बाद में गर्म सेक
2. सक्रिय रहें
पूरी तरह बेड रेस्ट न लें — हल्की गतिविधि करें।
3. स्ट्रेचिंग
लंबे समय बैठने पर बीच-बीच में स्ट्रेच करें।
4. सही फुटवेयर पहनें
ऊंची हील कमर दर्द बढ़ाती है।
5. सही तरीके से वजन उठाएं
कमर से नहीं, घुटनों से झुकें।
कमर दर्द में लाभकारी डाइट
सूजन कम करने वाले आहार मददगार होते हैं:
फल व सब्जियां:
गाजर, चुकंदर, चेरी, जामुन, अंगूर
हर्ब्स व मसाले:
अदरक, हल्दी, लहसुन, दालचीनी
ओमेगा-3 स्रोत:
फ्लैक्ससीड, चिया सीड, मछली
अन्य:
ग्रीन टी, हर्बल टी
कब डॉक्टर से मिलना जरूरी है?
तुरंत ऑर्थोपेडिक कंसल्ट लें यदि:
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दर्द 2–3 हफ्ते से ज्यादा रहे
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पैरों में सुन्नपन हो
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चलने में दिक्कत हो
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पेशाब/मल नियंत्रण में समस्या हो
विशेषज्ञ उपचार – Dr. Yugal Karkhur
Dr. Yugal Karkhur, Gurgaon के अनुभवी Orthopaedic & Joint Specialist, कमर दर्द के लिए उन्नत जांच और उपचार प्रदान करते हैं:
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Digital Spine Evaluation
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Physiotherapy & Rehab
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Slip Disc Treatment
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Sciatica Management
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Minimally Invasive Spine Procedures
व्यक्तिगत उपचार योजना के साथ मरीजों को दर्द से राहत और mobility recovery में मदद दी जाती है।
निष्कर्ष
कमर दर्द एक आम समस्या है, लेकिन इसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। सही समय पर जांच, जीवनशैली सुधार, व्यायाम और विशेषज्ञ उपचार से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।
यदि आप लंबे समय से कमर दर्द से परेशान हैं, तो विशेषज्ञ परामर्श लेकर अपने स्पाइन स्वास्थ्य की सुरक्षा करें।
