महिलाओं में घुटने का दर्द एक आम लेकिन गंभीर ऑर्थोपेडिक समस्या है, जो उम्र, हार्मोनल बदलाव, मोटापा, गठिया और जीवनशैली कारणों से विकसित होती है। यह समस्या चलने-फिरने, सीढ़ियां चढ़ने, बैठने-उठने और दैनिक गतिविधियों को प्रभावित कर सकती है।

सही समय पर जांच, वजन नियंत्रण, फिजियोथेरेपी और आवश्यक होने पर उन्नत उपचार से घुटने के दर्द को नियंत्रित और ठीक किया जा सकता है। लंबे समय तक दर्द रहने पर ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ से परामर्श जरूरी होता है।

महिलाओं में घुटने का दर्द क्यों अधिक होता है?

पुरुषों की तुलना में महिलाओं में घुटने का दर्द अधिक देखा जाता है, खासकर 45 वर्ष के बाद। इसके प्रमुख कारण हैं:

  • हार्मोनल बदलाव (मेनोपॉज के बाद एस्ट्रोजन कम होना)

  • हड्डियों की कमजोरी

  • शरीर की संरचना (Wider pelvis → Knee stress)

  • मोटापा

  • कैल्शियम / विटामिन D की कमी

महिलाओं में घुटने के दर्द के मुख्य कारण

ऑस्टियोआर्थराइटिस (गठिया)

  • कार्टिलेज घिसना

  • सूजन + जकड़न

  • उम्र > 45 में आम

हार्मोनल बदलाव

मेनोपॉज के बाद जोड़ों की मजबूती कम होती है।

मोटापा

1 किलो वजन = घुटने पर ~8 किलो दबाव

लिगामेंट / मेनिस्कस चोट

  • गिरना

  • स्पोर्ट्स

  • अचानक मोड़

टेंडोनाइटिस

टेंडन की सूजन → दर्द + कमजोरी

महिलाओं में घुटने के दर्द का उपचार

1. आराम और बर्फ की सिकाई

  • 15–20 मिनट आइस पैक

  • सूजन कम

2. घरेलू उपाय

मेथी दाना → सूजन कम
अदरक + शहद → दर्द राहत
हल्दी दूध → एंटी-इंफ्लेमेटरी

3. फिजियोथेरेपी

  • मसल्स मजबूत

  • लचीलापन बढ़े

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  • मोबिलिटी बेहतर

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4. वजन कम करना

  • Knee load कम

  • दर्द घटे

5. दवाइयाँ / इंजेक्शन

  • Pain killers

  • Steroid injections
    (Doctor supervision जरूरी)

6. Hot & Cold Therapy

  • मसल रिलैक्स

  • ब्लड सर्कुलेशन बेहतर

7. तेल मालिश

  • सरसों तेल

  • जैतून तेल

  • पुदीना तेल

8. सही जूते

  • Cushioned footwear

  • Heels avoid करें

महिलाओं में घुटने के दर्द की जांच

यदि दर्द लगातार रहे तो जांच जरूरी है:

X-Ray

  • हड्डी + जॉइंट गैप

MRI

  • लिगामेंट

  • मेनिस्कस

  • कार्टिलेज

Blood Test

  • Rheumatoid arthritis

  • Gout

Clinical Examination

  • सूजन

  • मूवमेंट

  • दर्द बिंदु

डॉक्टर को कब दिखाएँ?

  • लगातार दर्द

  • सूजन

  • चलने में कठिनाई

  • घुटना लॉक होना

  • आवाज आना

निष्कर्ष

महिलाओं में घुटने का दर्द हार्मोनल, संरचनात्मक और जीवनशैली कारणों से अधिक देखा जाता है। लेकिन सही समय पर जांच, फिजियोथेरेपी, वजन नियंत्रण और आधुनिक ऑर्थोपेडिक उपचार से दर्द से राहत संभव है।

FAQs

महिलाओं में घुटने का दर्द ज्यादा क्यों होता है?

हार्मोनल बदलाव, हड्डियों की कमजोरी, मोटापा और शरीर की संरचना इसके प्रमुख कारण हैं।

क्या मेनोपॉज के बाद घुटने का दर्द बढ़ता है?

हाँ, एस्ट्रोजन कम होने से जोड़ों की मजबूती घटती है।

क्या वजन कम करने से घुटने का दर्द कम होता है?

हाँ, वजन कम करने से घुटनों पर दबाव कम होता है।

घुटने के दर्द में कौन-सी जांच जरूरी है?

X-Ray, MRI और Blood tests दर्द के कारण पहचानने में मदद करते हैं।

महिलाओं में घुटने का दर्द कब गंभीर माना जाता है?

जब दर्द लगातार रहे, सूजन हो या चलना मुश्किल हो जाए।